स्वच्छता पर निबंध, स्वच्छता अभियान पर निबंध

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स्वच्छता पर निबंध: स्वच्छता और स्वास्थ्य का घनिष्ठ सम्बंध है। स्वच्छता के अभाव में गन्दगी फैलती है। गन्दगी रोगों की जड़ है। यदि हम स्वच्छता सम्बन्धी सतर्कता रखें और उचित स्थान पर ही कूड़ा डालें तो, ‘स्वच्छ जगत, सुन्दर जगत ‘ का निर्माण कर सकते हैं। साथ ही स्वस्थ भी रह सकते हैं। 

स्वच्छता पर निबंध

एक दिन अजय ने मोहन को अपने जन्मदिन पर बुलाया। महन ने उसे उपहार में देने के लिए कहानियों की एक पुस्तक खरीदी। उसे रंगीन कागज़ में लपेटा और अजय के घर चल पड़ा। जैसे ही मोहन अजय की गली में पहुँचा, उसके ऊपर केले का एक छिलका आ गिरा। 
छि: ! छि: ! कितनी बुरी आदत है सड़क पर छिलका फेंकना, मोहन ने मन में सोचा। उसने छिलका उठाया और इधर-उधर देखा। कुछ दूरी पर उसे एक कूड़ादान दिखाई दिया। उसने छिलका उसमें डाल दिया। बहुत—सा कुड़ा कूड़ेदान के बाहर फैला हुआ था। यहाँ मक्खियाँ मिन्क रही थी और चारों ओर गंदगी फैली हुई थी। 
कुर और जगबहा तो मोहन की बड़ी बदबू आई. उसने देखा-नालियों में कूड़े के कारण पानी रुका हुआ है। उसी पनी से बदबू आ रही थी। 
मोहन नाक पर रुमाल ग्रने अजय के घर पहुँचा। वहाँ अजय के और भी कई मित्र आए थे। अजय ने मोहन को अपनी माँ और पिताजी से मिलाया। अजय की दादी जो बीमार थीं, मोहन उनसे भी मिला। मेज पर खाने की चीजे रखी थी, जिन पर बार-बार मक्खियाँ आ जाती थी। मोहन ने अजय से कहा, “अजय, तुम्हारे मोहल्लों में इतनी गंवगी क्यों है? क्या नगरपालिका इसे साफ़ नहीं कराती?” 
अजय की माताजी ने कहा, “बेटा नगरपालिका को गाड़ी आया करती है। जगह-जगह कूड़ेदान भी हैं। पर कुछ लोग उनमें कूड़ा नहीं डालते। ये कूड़ा सड़क पर ही फेंक देते हैं इसीलिए सफ़ाई नहीं रहती।”
दूसरे दिन पाटशाला में मोहन ने अपने अध्यापक को यह बात बताई. अध्यापक ने कहा, “तुम ठीक कहते हो, मोहन। गंदगी बहुत से रोगों की जड़ है। नगरपालिका का काम नगर को स्वच्छ रखना तो है, पर हमें भी नगरपालिका की सहायता करनी चाहिए. चलो, एक दिन हग सब अजय के गोहल्ले में चले और स्वयं सफ़ाई का काम प्रारंभ करें।” 
स्वच्छता
रविवार के दिन सभी अजय के मोहल्ले में गए. सबके हाथ में एक-एक टोकरी और झाटू थे। सड़क पर झाडू लगाकर उन्होंने कूड़ा इकट्ठा किया। नालियों की सफ़ाई की और पानी का रास्ता बनाया। 
उनमें मक्खी-मच्छर मारनेवाली दवा डाली। कूड़ेदान पर ढक्कन रखा। मोहल्ले ने रहनेवाले सभी लोग बाहर निकल आए और उन्हें देखने लगे। बच्चों में बहुत उत्साह था, देख्ने ही देखते पूरा मोहल्ला स्वच्छ हो गया। अध्यापक ने लोगों को समझाया कि वे घर का कूड़ा कूड़ेदान में ही डाले। वे घर के आसपास सफ़ाई रखें, क्योंकि गंदगी से रोग फैलते हैं। 
उन्होंने कहा, “मेरी पाठशाला के बालक सप्ताह में एक बार यहाँ आया करेंगे। वे आपके मोहल्ले को साफ करेंगे। आप भी इस काम में इनकी सहायता करें। 
एक व्यक्ति ने आगे बढ़कर कह,” नहीं, नहीं: इन बच्चों को आने की कोई आवश्यकता नहीं। हम लोग स्वयं ही अपने मोहल्ले को स्वच्छ रख्नेगे। अब आग्न इसे हमेशा साफ़-सुथरा पाएँगे।”
 
Note: इस निबंध को किस लेखक(author) ने लिखा है वो में जनता नही हु, अगर आप कोई जानते हो तो Comment Box में जरूर लिखे।
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मै आशा करता हु की आपको हमारी यह Swachhata per Nibandh, स्वच्छता अभियान पर निबंध पोस्ट पसंद आयी होगी। ऐसी ही मजेदार कहानिया पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट jaduikahaniya.com को visit करते रहिए। 

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