गुलमर्ग की खिड़की से एक रात | Hindi Stories with Moral for Class 9

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गुलमर्ग की खिड़की से एक रात‘ ‘परिवेश’ से लिया गया हे।  इस यात्रा वृतांत में लेखक गुलमर्ग के प्राकृतिक सौन्दर्य का  विवरण प्रस्तुत किया है।  गुलमर्ग का सारा वातावरण इनको अपने में समाया सा लगता है।  गुलमर्ग की एक रत का अकल्पनीय सौन्दर्य इनसे भुलाया ही जाता।
 

  

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गुलमर्ग की खिड़की से एक रात

कुछ जगहें होती हैं जिन्हें आँख एक बार देखती है तो चौंक उठती हैं फिर भरे-धीरे परिचित होकर उदासीन हो जाती है। गुलमर्ग ऐसी जगह नहीं है।
मैं जब पहली बार गुलनर्ग गया, तो मुझे वहाँ कुछ भी असाधारण नहीं लगा-एक खुला सपाट मैदान, देवदारों के घने झुरमुट और बस! तब में घण्टे-भर में सारा गुलमर्ग देख आया था।
मगर बाद में महीनों वहाँ रहने पर एहसास हुआ कि पहली बार तो क्या बाद में भी कभी उस स्थान को पूरा नहीं देख पाया-उसे पूरा कभी देखा ही नहीं जा सकता। शाद यही कारण है कि गुलमर्ग में रहकर वहाँ के साथ व्यक्ति को आत्मीयता धीरे-धीरे इतनी गहरी हो जाती है कि वह अपने को भी उस सपाट मैदान के एक ‘ हिस्से के रूप में ही देखने लगता है-काँपतो तिलियों उठते बादल और बर्फ से चमकती पहाड़ियों की तरह। इसरो ओर । वह पूरा विस्तार, जिसमें वह स्वयं भी रहता है, उसे अपने में समचा—सा लगता है-सूर्योदय और सूर्यास्त, दोनों सम्भ्याएँ, घना कोहर, पोलो धूप और सब-कुछ। इसलिए जब व्यक्ति गुलमर्ग से चलता है, तो एडसास होत है अपने सही चिदनेला-अपने उस रू। सेजे कि इतना गरिचित होते हुए भी सदा अपरिचित बना रह जाता है।
गुलमर्ग में सपने फूल बनकर उगते हैं-हरियाली के आर-पार । लाल-लाल छतों के ऊपर, आकार में। आँखें मुग्ध होकर देखती रहती हैं और फूलों में नये-नचे रंग भर जाते हैं, वातावरण में नयी-नयं कॉपायें फूल जाती हैं। हर क्षण एक नये अनुभव, नये नांच की सृष्टि होती हैं। …  बादलों के पोर्टिको के नीचे लोग बाँहें फैलाये कास पर बैठे हैं। दूर-दूर तक सैलानियों का पंक्तियाँ घोड़े दौड़ात नजर आती हैं। रंगों के कुछ बिन्दु हरिगल के घर पर जहाँ-तहाँ छिटके हैं। 
महत्ता प्रकाश से नन्हीं-नन्हीं पारदर्शक बूंद पड़ने लगती हैं। रंगीन बिन्दुओं क पूरा विस्तार एक बार सिहर जाता है और अपने को समेटने लगता है। हरियाली क सप्ना कुलासे के फूल में बदल जाता है मैदान सुरमई आभा ओढ़ लेता हैं। अब चारों तरफ धुंध-ही-धुंध है और बेबस होकर फैली पगडंडियों की पतली-पतली नरम बाहे। जब तक बदल बरसेगा, बाहें फैली रही-ऐसा ही कोमल, विस्मृत और निढाल।
सूरज चमकंगा जो फूल में से नय सपना जन्मेगा। आकाश में बादल के नन्हें-नन्हें दीप इधर-उधर भरको फिरेंगे मेड़ों और बकरियों के रेवड़ पगडण्डियों पर टैंक जाएँगे। दिन जब रात की प्रतीक्षा करता पा प्रतीत हो। । रात आएगी तो सब कुछ खामेश हो जाएगा-मैंदान की तह खामशी में, जो दिन के समय इतनी वाचाल हो जाता है।
Gulmarg ki Khidki se ek Raat
गुलमर्ग को वह रात मुझे कभी नहीं भूलेगी। मैं होटल की खिड़को में खड़ा था। दूर-बहुत दूर सामने से एक बरन्ती घटा मेरी तरफ़ बढ़तो आ रही थी। मैं प्रतीक्षा कर रहा था कि कब वह मुझ तक पहुँचे और नुई अपने रूगेट ले। बरस्ती घटा में जाने से बढ़ सुरुमैन बहु कम जाना है। घटा कार से घिर आये और व्यक्ति को छोटा करके उस पर छा च ए, यह इससे अलग स्थिति है। इस बार आती हुई घटा का हर सकत मेरे सामने था और मैं उसके बराबर क होकर अपने खिड़की में खड़ उसे बुला रहा था कि आ…. आ…. आ, मैं तुझसे कमजोर नहीं हूँ। 
हवा तेज थी, मगर घटा तेजी से नहीं ब्ढ़ रही थी-हालांकि तूफान बहुत उठा हुआ। बार-बार जोर को गरज होती थी जिससे धरती और आकाश की शिराएँ कांप जाती थी। बार-बार सामने के चित्रपट पर बिजली काँधती थी-और प्रकाश का वह भयानक विस्फोट हर चीज जो नंगा कर जाता था। मैं खुश था कि भोड़ी देर में ये बूँदे मेरे ऊपर बरसेंगी बल्यिों का यह क़हर मेरे ऊपर टूटेगा मैं बाँहें फैलाकर सामने से को अपने ऊपर लेन के लिए तैयार था। 
मगर अचानक हवा रूक गयी। बढ़ता हाआ तूफ़ान जहाँ का तहाँ ठिठक गया और दूर ही पर कंटे पक्षी की तरह दम तोड़ने लगा। बिजली की सौम रुको तगी-और मेरी भी-क्योंकि हवा के रुक जाने से मुझे भी बहुत ॐचे आसमान से नीचे आना पड़ा था। सूफान का जोम उतर गया और उसके साथ ही मेरा भी। मैं उसके बराबर का कभी नहीं हो सका। (short hindi story with moral)
वे ऐसे क्षण थे जो जीवन में दो-एक बार ही आते हैं गुलम् में रहते हुए ऐसे क्षण हर किसी के जीवन में किसी न किसी रूप में अवस्य आते होंगे। तभी तो मुद्दत तक वहाँ रह चुकने पर भी कोई आकर्षण बिन को फिर खाँचकर वहाँ ले जाता है। वरना वह हैं का-एक खुला सपाट मैदान जहाँ ज़्यादा गॉल्फ खेली जा सकत है। याकत क्यो बार-बार वहाँ जाना चाहता है? क्या गॉल्फ खेलने के लिए ही?
 
लेखक :  मोहन राकेश
मित्रो, मै आशा करता हु की आपको हमारी यह Gulmarg ki Khidki se ek Raat पोस्ट पसंद आयी होगी। और ऐसी ही अच्छी-अच्छी कहानिया पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट Jadui Kahaniya को visit करते रहिए। 

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